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कड़वी
सच्चाइयों को जानने का हर मौका दिया पापा ने... |
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एकलौती बेटी
होने के कारण मैं लाड़ली तो हूं,
पर लापरवाही
करने की छूट मेरे पिता ने कभी नहीं दी। मैं कह सकती हूं कि दुनिया की कड़वी
सच्चाइयों को जानने का हर मौका मेरे पिता ने मुझे दिया। |
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‘मुझे
आज भी याद है वह गुब्बारा…’ |
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मेरी यादों में
से
वह पल
तो जिन्दगीभर बाहर नहीं
जा सकता,
जब
मां के आंखें तरेरने के बावजूद पिताजी ने मुझे गुब्बारा खरीदकर दिया था... |
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‘ताज
महल’ |
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मै वक्त की
दहलीज पर ठहरा हुआ पुल हूं,
कायम है
मेरी शान, मैं ताज महल हूं,
भूला है न
भुलाएगा मुझको जमाना,
जिंदा है
मेरे दम से मुहब्बत का फसाना...
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आर्थिक,
व्यापारिक दृष्टि से
बेहतर होगा
साल
2010’ |
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भारतीय
विदेश व्यापार संस्थान नई दिल्ली के प्रोफेसर डॉ. राकेश मोहन जोशी
अन्तरराष्ट्रीय व्यापार जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके हैं।
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अमर की तलाश,
भाजपा में आस! |
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समाजवादी
पार्टी से निकाले जाने के
बाद अमर सिंह अपने चहेतों के साथ विभिन्न राजनीतिक दलों में अपनी संभावनाएं तलाश
रहे हैं। |
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ठण्ड ने बदल दिया परिन्दों का व्यवहार |
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उत्तर भारत
में इस बार सर्दी का मौसम मानव जाति के लिए ही दुष्कर नहीं रहा बल्कि पक्षियों पर
भी कहर बन कर टूटा। लगातार कड़ाके की ठण्ड और कोहरे से बड़ी संख्या में पक्षियों की
मौत हुई है। |
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अन्तरराष्ट्रीय व्यापार पर उच्च शिक्षा का प्रभाव |
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प्रबंधकीय
क्षेत्र में उच्च शिक्षा के महत्व को रेखांकित करने से पहले यहां यह बताना भी
आवश्यक है कि आज हम जिस उच्च शिक्षा की बात कर रहे हैं वह क्या है?
और
इसके क्या फायदे हैं? |
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मैंने उन्हें नंगा देख लिया है : अशोक चक्रधर |
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केंद्रीय
हिंदी संस्थान के नवनियुक्त उपाध्यक्ष प्रसिद्ध कवि अशोक चक्रधर का यह
साक्षात्कार हिंदीदुनिया.कॉम पर प्रकाशित हुआ है। प्रस्तुत हैं इस
साक्षात्कार के संपादित अंश... |