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विसर्जन |
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आदमी नदी में डूब
रहा था तो बोला
: गणेश जी,
मुझे बचाओ।
गणेश जी ने सुना
और नाचने लगे।
आदमी
:
आप नाच क्यों रहे हो। |
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मुंह! |
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टीचर :
बच्चों वह कौन सी चीज है जो तुम रोज देख सकते हो लेकिन तोड़ नहीं सकते।
स्टूडेंट
: जी,
आपका मुंह.....।
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डिलीवरी ‘फ्री’! |
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संता
:
ओए बंता, अपनी
प्रेगनेंट बीवी को इतने दर्द में हॉस्पीटल के बजाय पिज्जा हट क्यों ले जा रहा है?
बंता
:
क्योंकि, पिज्जा हट में डिलीवरी
‘फ्री’
है... |
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दन... दनादन... दन... दनादन... |
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अध्यापक
:
इस
लाइन को अंग्रेजी में बोलो...उसने अपना काम किया और करता ही गया।
संता
: ‘ही
डन हिज वर्क एंड दन... दनादन... दन... दनादन...
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बीवी! |
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संता फोन पर बात
कर रहा है।
बंता
:
किस से बात कर रहे
हो?
संता
:
बीवी से...
बंता
:
इतने प्यार से!
संता
:
तुम्हारी से... |
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ट्रैक सूट! |
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एक गधे ने
संता को लात मार दी और भाग गया। संता गधे के पीछे भागा। गधा तो आंखों से ओझल हो गया
लेकिन एक जेब्रा उसे दिख गया... |
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मेरी प्रथम पाठशाला... |
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छाँह नीम की
तेरा आँचल,
वाणी तेरी
वेद ऋचाएँ। सव्यसाची कैसे हम तुम बिन,
जीवन पथ को
सहज बनाएँ।। कोख में अपनी हमें बसाके,
तापस-सा
सम्मान दिया।। पीड़ा सह के जनम दिया- माँ,
साँसों का
वरदान दिया...
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प्रकृति का आवाहन |
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क्या पेट की भूख
को इन महलों से भर पाएगा?
मानव बन उपवन मिटाकर एक रोज बहुत पछताएगा, वायु को दूषित करके आयु को अपने घटाया
है, प्रकृति का श्रंगार बिगाड़कर क्या तू जीवित रह पाएगा... मानव? |