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दृष्टिहीनों के लिए 'अन्तरदृष्टि फोरम फॉर फ्रेंण्डस ऑफ ब्लाइंड हुआ शुरू

आगरा, 28 फरवरी: 'अन्तरदृष्टि फोरम फॉर फ्रेंण्ड्स ऑफ ब्लाइंडकी शुरुआत चार वर्षीय दृष्टिहीन बच्‍चों चुनमुन और खुशेन्‍द्र द्वारा पौधारोपड़ करके की गई। इस मौके पर इनके परिवारीजनों के अलावा मुकेश जैन, डॉ. अमर प्रकाश, श्रीधर उपाध्‍याय, शिल्‍पी और आलोक कुलक्षेष्‍ठ आदि मौजूद थे। कार्यक्रम की शुरुआत दृष्ठिहीन बालिका मनीषा के गायन और सभागार मे उपस्थितजनों के स्‍वागत के साथ हुई।

वक्‍ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि दृष्टिहीनों को समाज की मुख्‍यधारा से जोड़े बिना उनको स्‍वावलम्‍बी नहीं बनाया जा सकता। दृष्टिहीनों को दया-दान की जरूरत नहीं है, उन्‍हें तो बस समान अवसर व कौशल की जरूरत है। सरकारी क्षेत्रों में तो आरक्षण की वजह से नौकरी मिल जाती है लेकिन निजी क्षेत्रों में दृष्टिहीनों के लिए रोजगार के अवसर न के बराबर हैं। जरूरत इस बात की है कि निजी क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसरों की संभावनाओं को तलाशा जाना चाहिए और जरूरत पढ़ने पर उपयुक्‍त प्रशिक्षण का भी इंतजाम होना चाहिए।

दृष्टिहीनों के परिवारीजन, मित्रों, और हितैषियों को एक मंच पर लाकर दृष्टिहीनों को समाज की मुख्‍यधारा से जोड़ने के उद्देश्‍य से गठित फोरम की शुरुआत पर प्रसन्‍नता व्‍यक्‍त करते हुए वक्‍ताओं ने यह उम्‍मीद की कि समाज के विभिन्‍न तबके के लोग भी इस मंच से न सिर्फ जुड़ेंगे बल्कि भरपूर सहयोग भी देगें। कार्यक्रम के अंत में सभागार में उपस्थितजन से नेत्रदान का संकल्‍प करने का आह्वान किया गया। लगभग 40 लोगों ने नेत्रदान का संकल्‍प लिया।

वक्‍ताओं में मुख्‍य रूप से श्रीधर उपाध्‍याय, जयकरन, शिल्‍पी, शिप्‍पी, मनोहर लाल गिदवानी, डॉ. अंनत बाजपेयी, मनीष, नरेन्‍द्र कुमार बघेल, ब्रजेश, डॉ. खिम्‍मनजी, भावना त्रिपाठी ने अपने विचार रखें। कार्यक्रम का संचालन रमेश शर्मा ने किया। कार्यक्रम में मुख्‍य रूप से डॉ. पुष्‍पा श्रीवास्‍तव, डॉ. बचन सिंह सिकरवार, मंजू उपाध्‍याय, अजय, रफीक, उषा श्रीवास्‍तव, शिवशंकर, गया प्रसाद अनुरागी, रघुनाथ, रामधनुष, पन्‍नीराम, अमरीश पुरी आदि का सहयोग सराहनीय रहा।

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